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व्हाट्सएप्प हिंदी शायरी – फ़रेब ए ज़िन्दगी

फ़रेब-ए- ज़िन्दगी खाकर भी चालाकी नहीं आई,
कि पानी में भी रहकर भी हमको तैराकी नहीं आई…!




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Updated: April 14, 2017 — 1:39 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017