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व्हाट्सएप्प हिंदी शायरी – बिना मंज़िल के

बिना मंज़िल के सफर किये जा रहा था,
जब हमसफ़र मिला तो मंज़िल भी मिल गयी




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Updated: April 10, 2017 — 5:07 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017