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शायरी २ लाइन में – अख़बार का भी

अख़बार का भी अजीब खेल है
सुबह अमीर की चाय का मजा बढाता है
और रात में गरीब के खाने की थाली बन जाता है…!




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Updated: April 13, 2017 — 2:15 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017