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शायरी २ लाइन में – जैसे बरस पड़ती है

जैसे बरस पड़ती है मेरी आँखें तुझे याद करके,
क्या कभी तेरी बाहें नहीं तरसती मुझे गले लगाने के लिये




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Updated: April 10, 2017 — 5:16 pm

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