loading…


हिंदी के शेर दो लाइन में – हिस्सा लेकर जब

हिस्सा लेकर जब बेटे अलग हो गये,
तब याद आई बेटियाँ जिनको कोंख में मार डाला था




loading…





Updated: April 6, 2017 — 5:36 pm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *




Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017