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हिंदी पोएट्री २ लाइन में – अपने में सिमटकर महेफुज हूँ

अपने में सिमटकर महेफुज हूँ मैं,
डरता हूँ खुलकर कहीं बिखर न जाऊँ




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Updated: April 11, 2017 — 1:49 pm

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