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हिंदी पोएट्री २ लाइन में – ठोकरें खा कर भी ना संभले

ठोकरें खा कर भी ना संभले तो मुसाफ़िर का नसीब;
वरना पत्थरों ने तो अपना फर्ज़ निभा ही दिया।





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Updated: April 20, 2017 — 1:49 pm

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