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हिंदी पोएट्री २ लाइन में – तुमको बहार समझकर

तुमको बहार समझकर जीना चाहता था उम्रभर,
भूल गया था की मौसम तो बदल जाते है




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Updated: April 11, 2017 — 1:38 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017