loading…


हिंदी शायरी – आँखें भी खोलनी पड़ती है

आँखें भी खोलनी पड़ती है रोशनी के लिये,
महज़ सूरज निकलने से अँधेरा नहीं जाता




loading…





Updated: April 10, 2017 — 2:18 pm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *




Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017