हिंदी शायरी – मन्जिलें सब का मुकद्दर

मन्जिलें सब का मुकद्दर हो ये जरूरी तो नहीं,,
खो भी जाते हैं . . . . . नयी राहों पर चलने वाले ..।।








Updated: April 20, 2017 — 2:27 pm

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