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हिंदी शेरो शायरी – माना की औरों के

माना की औरों के मुकाबले कुछ ज्यादा पाया नहीं मैंने,
पर खुश हूँ की स्वयं को गिराकर कुछ उठाया नहीं मैंने




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Updated: April 7, 2017 — 6:01 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017