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2 Line Mein Shayari – मैं इसलिए भी अपनी

मैं इसलिए भी अपनी ख्वाहिशों को ठुकरा देता हूँ,
क्यूंकि मुझे अक्सर वो नहीं मिलता जो मेरी ख्वाहिश बन जाए




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Updated: April 10, 2017 — 4:57 pm

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