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2 Line Mein Shayari – हादसों की ज़द में हैं

हादसों की ज़द में हैं , तो क्या मुस्कुराना छोड़ दें ,
जलजलों के खौफ से , क्या घर बनाना छोड़ दें !!




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Updated: April 13, 2017 — 4:54 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017