Hindi Poem 2 Lines Mein – किस क़दर अनजाना होता है

किस क़दर अनजाना होता है ये सिलसिला ऐ इश्क़ भी,
मोहब्बत तो क़ायम रहती है बस इसे करने वाले इंसान टूट जाते हैं








Updated: April 17, 2017 — 5:10 pm

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