loading…


Hindi Shayri 2 Line Mein – मैं न अन्दर से

मैं न अन्दर से समंदर हूँ न बाहर आसमान,
बस मुझे उतना समझ जितना नज़र आता हूँ मैं…!




loading…





Updated: April 13, 2017 — 4:43 pm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *




Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017