Hindi Shayri 2 Line Mein – हमारे दौर के बच्चे

हमारे दौर के बच्चे , गुम है ‘ फ़िकर ऐ रोजी ‘ में ,
वो क्या खेलें खिलौनों से जिन्हें बचपन नहीं मिलता..








Updated: April 18, 2017 — 4:49 pm

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