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Latest Hindi Shayari 2017 – रब के फ़ैसले

रब के फ़ैसले पर भला कैसे करुँ शक,
सजा दे रहा है ग़र वो कुछ तो गुनाह रहा होगा




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Updated: April 7, 2017 — 6:13 pm

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