loading…


New 2 Line Poetry – इसी कशमकश में सारा दिन गुज़र

इसी कशमकश में सारा दिन गुज़र
जाता है
उस से बात करूँ या
उसकी बात करूँ




loading…





Updated: April 14, 2017 — 5:11 pm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *




Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017