New 2 Line Poetry – उँगलियाँ आज भी

उँगलियाँ आज भी इस सोच में ग़ुम है,
उसने कैसे नए हाथ को थामा होगा








Updated: April 17, 2017 — 3:14 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017