New 2 Line Poetry – जब लगा था

जब लगा था “तीर” तब इतना “दर्द” न हुआ ग़ालिब…
“ज़ख्म” का एहसास तब हुआ जब “कमान” देखी अपनों के हाथ में।








Updated: April 18, 2017 — 2:58 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017