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New 2 Line Poetry – तुम्हें ही कहाँ फ़ुरसत थी

तुम्हें ही कहाँ फ़ुरसत थी, मेरे पास आने की
मैने तो बहुत इत्तला की, अपने गुज़र जाने की




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Updated: April 14, 2017 — 5:08 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017