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New 2 Line Poetry – नज़रें मेरी थक न जायें

नज़रें मेरी थक न जायें कहीं तेरा इंतज़ार करते-करते;
यह जान मेरी यूँ ही निकल ना जाये तुम से इश्क़ का इज़हार करते-करते।




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Updated: April 20, 2017 — 3:00 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017