New 2 Line Poetry – ये कैसा सिलसिला है

ये कैसा सिलसिला है
तेरे और मेरे दरमियाँ फ़ासले भी बहुत हैं और मुहब्बत भी








Updated: April 17, 2017 — 3:08 pm

Leave a Reply

Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017