New 2 Line Poetry – रुई का गद्दा बेच कर

रुई का गद्दा बेच कर, मैंने इक दरी खरीद ली।
ख्वाहिशों को कुछ कम किया मैंने, और ख़ुशी खरीद ली ।








Updated: April 18, 2017 — 2:59 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017