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New 2 Line Poetry – सबको उसी तराजू में

सबको उसी तराजू में तोलिए जिसमें खुद को तोलते हो,
फिर देखना लोग उतने भी बुरे नहीं है जितना हम समझते है




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Updated: April 7, 2017 — 6:15 pm

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