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New Poetry Two Lines – अगर तुम्हें भूलाना

अगर तुम्हें भूलाना मुमकिन होता तो कब के भूला दिये होते,
यूँ पैरों में मोच होते हुए भी चलना किसको पसंद है




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Updated: April 10, 2017 — 3:54 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017