New Poetry Two Lines – एक खिलौना ही तो हूँ

एक खिलौना ही तो हूँ मैं उसके हाथों का,
रुठती वो है और टूटता मैं हूँ








Updated: April 6, 2017 — 4:49 pm

Leave a Reply

Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017