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New Poetry Two Lines – कारवां चलता रहा बिछड़ते गए

कारवां चलता रहा बिछड़ते गए तेरे काफिले ओ दिल बंजारे,
ये अनजाने रास्ते ही जिसकी मंजिल हो वो रूके भी तो कहाँ ठहरे।




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Updated: April 13, 2017 — 4:38 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017