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New Poetry Two Lines – तेरे हुस्न को परदे की

तेरे हुस्न को परदे की ज़रूरत ही क्या है ज़ालिम
कौन रहता है होश में तुझे देखने के बाद




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Updated: April 17, 2017 — 4:47 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017