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New Poetry Two Lines – मुझे मालूम है मैं उस

मुझे मालूम है मैं उस के बिना ज़ी नहीं सकता…
उस का भी यही हाल है मगर किसी और के लिए !




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Updated: April 18, 2017 — 4:39 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017