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New Poetry Two Lines – मेरे सुर्ख़ लहू से

मेरे सुर्ख़ लहू से चमकी कितने हाथों में मेहंदी
शहर में जिस दिन क़त्ल हुआ मैं ईद मनाई लोगों ने




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Updated: April 14, 2017 — 5:31 pm

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Hindi Shayari - रोमांटिक, दर्द भरी और प्रेरक शायरी © 2017