व्हाट्सएप्प हिंदी शायरी – वो याद आए कुछ यूँ

वो याद आए कुछ यूँ, के लौट आये सब सिलसिले,
ठंडी हवा, सब्ज़ पत्ते और नवम्बर की गुलाबी धूप


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