व्हाट्सएप्प हिंदी शायरी – कुछ तो मजबूरियां

कुछ तो मजबूरियां रही होंगी यूं कोई
बेवफा नही होता, टटोल कर देखो अपने दिल को हर फासला बेवजह नहीं होता…


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