शायरी २ लाइन में – सुन कर ग़ज़ल मेरी

सुन कर ग़ज़ल मेरी,
वो अंदाज़ बदल कर बोले,
कोई छीनो कलम इससे,
ये तो जान ले रहा है…….!!


One comment

  1. इस ज़माने में हज़ारों महफिलें सजी है और लाखों मेले हैं, लेकिन जहां तू नही वहाँ हम बिल्कुल अकेले …

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