हिंदी शायरी – कहाँ जायेंगे तुम जेसे

कहाँ जायेंगे तुम जेसे दोस्तो को छोड़कर,
तुम्हारे बिन दिन नहीं गुजरता जिंदगी क्या खाक गुजरेगी


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