शायरी २ लाइन में – उसने पूछा मुझे पाने के लिये

उसने पूछा, मुझे पाने के लिये किस हद तक जा सकते हो ?
मैंने कहा कि अगर हद ही पार करनी होती
तो तुम्हें कब का पा लिया होता।


शायरी २ लाइन में – पलकें भी चमक जाती हैं

पलकें भी चमक जाती हैं सोते में हमारी,
आँखों को अभी ख्वाब छुपाने नहीं आते ।


शायरी २ लाइन में – किसके लिए तूने

किसके लिए तूने यह जन्नत बनाई, ऐ खुदा;
कौन है यहाँ जो तेरा गुनहगार नहीं!


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