Hindi Poem 2 Lines Mein – किस क़दर अनजाना होता है

किस क़दर अनजाना होता है ये सिलसिला ऐ इश्क़ भी,
मोहब्बत तो क़ायम रहती है बस इसे करने वाले इंसान टूट जाते हैं